Письмо деванагари

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Конвертер деванагари (EmEditor)

devanagari-transliteration

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bayaryn@gmail.com — автор скриптов, санскритолог-филолог (Минск)
gasyoun@ya.ru — автор идеи и охранитель скриптового очага (Краснодар)

Например:

. mak›{fey %vac.
z&[u rajNkulôI[a< mha-aGy< yuixiór,
svRmet*wa àaÝ< saivÈya rajkNyya. 1.
AasINmÔe;u mhaTma raja prmxaimRk>,
äü{yí zr{yí sTys<xae ijteiNÔy>. 2.
yJva danpitdR]> paErjanpdiày>,
paiwRvae =ñpitnRam svR-Utihte rt>. 3.
]mavannpTyí sTyvaNs<yteiNÔy>,
Ait³aNten vysa s<tapmupjiGmvan!. 4.

  • В Unicode деванагари. Не нужно устанавливать специальный шрифт, можно передавать в скайпе или разместить в интернете — единстенное лигатуры могут искажаться из-за шрифта Mangal, но это только видимость.

॥ मार्कण्डेय उवाच॥
शृणु राजन्कुलस्त्रीणां महाभाग्यं युधिष्ठिर।
सर्वमेतद्यथा प्राप्तं सावित्र्या राजकन्यया॥ १॥
आसीन्मद्रेषु महात्मा राजा परमधार्मिकः।
ब्रह्मण्यश्च शरण्यश्च सत्यसंधो जितेन्द्रियः॥ २॥
यज्वा दानपतिर्दक्षः पौरजानपदप्रियः।
पार्थिवो ऽश्वपतिर्नाम सर्वभूतहिते रतः॥ ३॥
क्षमावाननपत्यश्च सत्यवान्संयतेन्द्रियः।
अतिक्रान्तेन वयसा संतापमुपजग्मिवान्॥ ४॥

  • dev2trans — переводим из юникодного деванагари в академический латинский транслит

|| mārkaṇḍeya uvāca||
śṛṇu rājankulastrīṇāṃ mahābhāgyaṃ yudhiṣṭhira|
sarvametadyathā prāptaṃ sāvitryā rājakanyayā|| 1||
āsīnmadreṣu mahātmā rājā paramadhārmikaḥ|
brahmaṇyaśca śaraṇyaśca satyasaṃdho jitendriyaḥ|| 2||
yajvā dānapatirdakṣaḥ paurajānapadapriyaḥ|
pārthivo ‘śvapatirnāma sarvabhūtahite rataḥ|| 3||
kṣamāvānanapatyaśca satyavānsaṃyatendriyaḥ|
atikrāntena vayasā saṃtāpamupajagmivān|| 4||

  • IAST_SLP1 — для разных манипуляций на компьютере, где доступна только обычная QWERTY клавиатура можно использовать транслитерацию SLP1, в которой каждый слог (знак) отображается одной условной буквой (включая дифтонги и придихательные)

|| mArkaRqeya uvAca||
SfRu rAjankulastrIRAM mahABAgyaM yuDizWira|
sarvametadyaTA prAptaM sAvitryA rAjakanyayA|| 1||
AsInmadrezu mahAtmA rAjA paramaDArmikaH|
brahmaRyaSca SaraRyaSca satyasaMDo jitendriyaH|| 2||
yajvA dAnapatirdakzaH pOrajAnapadapriyaH|
pArTivo ‘SvapatirnAma sarvaBUtahite rataH|| 3||
kzamAvAnanapatyaSca satyavAnsaMyatendriyaH|
atikrAntena vayasA saMtApamupajagmivAn|| 4||

  • Все то же самое есть и в MS Word. Текстовый редактор удобен при больших объемах или там, где не имеет значение разметка и оформление.

Devanagari Font Test File

न्द्ध न्द्व ब्ल ज्ज्ञल्भल्भ्यञ्श्व
कार्येकर्ये क्षा
सु॒ ह्वा॒ ङ्क्षा दीदा॒ ह्वा॒ दा॒न॒शा॒र्दी॑
र्ते
ए॒व पर्यै॑मि सं ग॑च्छध्वं पूर्वे॑ रि॑ र्तिं॑वि
रृरॄरॢरॣ केफे ते॑तै॑र्त॑तं॑तँ॑
र्क्ति रि र्तिं र्केर्फैँकेफेँ॑र्कें॑
र्ततेर्तँतेर्तै॑र्तैँ र्तें॑ र्तीं॑र्तिं॑
ग्तेतेहग्ते एर्त
द र्तोर्तौ र्तों
तंतँतेतैतोतौतंतःतॅतोतौ
र्तंर्तँ र्तेर्तै र्ते र्तैर्तोतौतंतःतॅतोतौ
र्ते तिँ तँ र्तॅं र्ति री
र्किर्कीर्के र्तिर्सिर्विर्रि र्रर्चिर्किर्फिर्टि
र्क्पिं॑र्र्स् र्च्मिं स्ति
र्कु॒ ट्रृ द द़ु
द्ध्य द्ध्व न्द न्द्र त्न्य रृरॄरॢरॣ
ग्र्य त्र्य द्द्व द्द्र
छुछ्रुझुझ्रुक्कुक्चुक्वु
ङ्कुङ्क्तुङ्क्षुङ्खुङ्गुर्ङ्ग्रंर्ङ्घें॒ङ्घ्रुङ्मुङ्युच्छुच्छ्रुछ्वुच्छ्वु
ट्टुट्वुट्शुड्गुड्ग्रुड्घुड्घ्रु
द्गुद्घुद्घ्रुद्दुद्द्रुद्द्वुद्धुद्ध्रुद्ध्युद्ध्वुद्बुद्भुद्भ्रुद्भ्युद्वुद्व्यु
ष्ट्वु क्कृ
ह्नुह्न्युह्लुह्ल्युह्वुह्व्युह्मुह्यु
द् न्द् ब्द् द्र् छृ ट्र्य
ङुटुठुडुढु
ङ् ट् ठ् ड् ढ्
क् ट्यट्र्य
र्क र्ति र्
कुक ङ् ङ्कुङ्क्ङ्कूङ्कृ द् ष्ट् ह् ह्म् ष्ट्य
क्कू क्त्र क् क‌‌ क‌ त़
द्ग्द्ध् द्धृ द्दू द्मू
ट्य ट्र्य ड्र्य क्र्य च्छ् द्य क्य द्व्य
ङ्ख्य छ्ख्य ङ्क्क्य
न्न्य्व न्न्व्य् द्ध्
द्ध्य द्ध्य ङ्क्ष ङ्क्त ङ्क्
च्छ्व
द्र्य द्र्य द्भ्य द्व्य
ष्ट्व ष्ट्य द्घ्र ह्न्य द्व्य द्द्व
न्द्र न्द्ध
न्ध स्त्य न्त्र्य त्न्य क्र्य द्र्त्स
क्र्य ल्र्व त्र्न्य द्र्य द्र्व्य ढ्र्य
कखगघङचछजझञटठडढणतथदधनपफबभमयरलवशषसह
क्षज्ञक्र्य
क्रख्रग्रघ्रङ्रच्रछ्रज्रझ्रञ्रट्रठ्रड्रढ्रण्रत्रथ्रद्रध्रन्रप्रफ्रब्रभ्रम्रय्रर्रल्रव्रश्रष्रस्रह्र
क्ष्रज्ञ्र
क्र्व
क्र्य द्द्व क्र्य
क्र्य च्र्यक्र्य च्र्
क्र्य
कुफु क॒र्चि र्वि शु शृ शॄ
क्र्
कि
क्र र्क र्म र्ल
व्र्य द्र्व्
द्र्य
र्द्व्
ङुशु
छु
क्तॄ

Большой Петербургский словарь на слово «мантра»

मन्त्र [L=57466] [p= 5-0537] (von मन्) m. gaṇa वृषादि zu P.6,1,203. SIDDH. K. 250,b , ult. neutr. MBH. 3, 10409 ; dagegen ist 13, 7082 mit der ed. Bomb. इमं (st. इदं) मन्त्रं zu lesen und KÂM. NÎTIS. 5, 43 mit der v.l. मर्माणि st. मन्त्राणि. Am Ende eines adj. comp. f. आ.

— 1) Spruch, Gedicht, Lied als Erzeugniss des Geistes: कीरेश्चिन्मन्त्रं मनसा वनोषि तम् ṚV. 1, 31, 13. मन्त्रं वदत्युक्थ्यम् 40, 5. हृदा यत्तष्टान्मन्त्राँ अशंसन् 67, 4. 74, 1. 152, 2. 2, 35, 2. 6, 50, 14. 7, 7, 6. 32, 13. 10, 14, 4. 50, 4. 6. 88, 14. 115, 7. AV. 15, 2, 1. 19, 54, 3. TS. 1, 5, 4, 1. 5, 1.
— 2) übliche Bez. der vedischen Lieder und Sprüche SÂJ. ṚV. Comm. I, S. 22. = वेदभेद, वेदविशेष, वेदांश AK. 3, 4, 25, 169. H. an. 2, 445. MED. r. 75. = ऋगादिगृह्योक्ति VAIǴ. beim Schol. zu KIR. 4, 32. AIT. BR. 5, 14. 23. 6, 1. ÇAT. BR. 1, 4, 4, 6. 11, 2, 1, 6. ÇÂÑKH. BR. 26, 3. 5. NIR. 7, 1. °दृष्टि 3. 4. आम्नायः पुनर्मन्त्राश्च ब्राह्मणानि च KAUÇ. 1. मन्त्रोक्त 8. 19. 23. °वर्ण KÂTJ. ÇR. 1, 4, 12. 6, 3, 23. °वचन 1, 7, 9. मन्त्रेण, तूष्णीम् ÂÇV. GṚHJ. 1, 3, 3.-, 1. मन्त्रविदो मन्त्रां जपेयुः 2, 3, 10. मन्त्रः श्लोकश्च ṚV. PRÂT. 16, 5. M. 2, 16. 3, 137. 5, 36. 86. 8, 226. 9, 18. 65. 10, 127. 11, 226. 256. MBH. 3, 11101. BHAG. 9, 16. °कोविद R. 1, 60, 9. SUÇR. 1, 111, 11. VIKR. 87, 10. BRAHMA-P. in LA. (II) 52, 19. मन्त्रे P. 2, 4, 80. 3, 2, 71. 3, 96. 6, 3, 131. मन्त्रेषु 4, 141. होममन्त्रेषु M. 2, 105. बलिमन्त्रैः JÂǴŃ. 1, 285. वेद° PAŃḰAT. 189, 24. मन्त्रवेदशास्त्रपाठेषु LALIT. ed. Calc. 43, 20. 313, 6. गीर्भिः परममन्त्राभिस्तुष्टुवुश्च गदाधरम् HARIV. 2500.
— 3) magische Besprechung, Zauberspruch; = देवादिसाधन H. an. MED. = तन्त्र HALÂJ. 5, 84. मन्त्रो गुरुः पुनरस्तु सो अस्मै ṚV. 1, 147, 4. मन्त्रैर्विषापहैः M. 7,-7. KATHÂS. 49, 42. रसमन्त्रविशारद SUÇR. 1, 122, 12. 158, 19. ÂÇV. ÇR. 4, 13. RAGH. 1, 61. अस्त्रं प्रयोगसंहारविभक्तमन्त्रम् 5, 57. अस्त्र° 59. °प्रयुक्त (अस्त्र) 12, 99. शिक्षिततन्मन्त्रा KATHÂS. 37, 120. WEBER, RÂMAT. UP. 282 u.s.w. °ग्रहणमात्रेण PAŃḰAR. 1, 2, 17. 20. 9, 22. मन्त्रौषधरुद्धवीर्य RAGH. 2, 32. KATHÂS. 9, 77. मणिमन्त्रौषधैः LA. (II) 91, 6. Spr. 584.-19. षडक्षर 3063. WEBER, RÂMAT. UP. 289. अमन्त्रतन्त्रं वशीकरणम् Spr. 3196. VET. in LA. (II) 14,14. ÇUK. ebend. 33,13. Verz. d. Oxf. H. 93,a,40. 94,a,1.-. 98,b,14. 100,a,35. 101,a,30. 105,a,7. BURN. Intr. 121. fg. 540. Lot. de la b. l. 238. fgg. वशीकरण° P. 4, 4, 96, Sch. सा देवकलशेनाथ दत्तमन्त्रा RÂǴA-TAR. 6, 330.
— 4) Verabredung, Berathung, Entschliessung; Rath, geheimer Plan; = गुप्तिवाद, गुप्तवाद, गुह्यवाद, रहस्यालोचन AK. H. 741. H. an. MED. स्वैर्मन्त्रैरनृतुपाः nach eigenem Rath auch ausser der Zeit (kommt er) zum Trinken ṚV. 3, 53, 8. न नौ मन्त्रा अनुदितास एते 10, 95, 1. समानो मन्त्रः समितिः समानी 191, 3. शक्तयस्तिस्रः प्रभावोत्साहमन्त्रजाः AK. 2, 8, 1, 19. H. 735. (ब्राह्मणेन) मन्त्रयेत्परमं मन्त्रं राजा षाड्गुण्यसंयुतम् M. 7, 58. MBH. 1, 5569. 2, 163. 5, 7461. R. 5, 81, 18. Spr. 4853. पापान्मन्त्रान्कुरवो मन्त्रयन्ति MBH. 2, 2396. मन्त्रैर्मन्त्रयन्तः BHÂG. P. 8, 5, 17. आत्मनाद्वितीयेन मन्त्रः कार्यो महीभृता Spr. 3062. मन्त्रं सुरक्षितं कुर्यात् JÂǴŃ. 1, 343. एवं मन्त्रं विदधुर्मिथः KATHÂS. 24, 84. निश्चित्य मन्त्रिभिर्मन्त्रनिश्चयम् R. 1, 8, 22. तैर्मन्त्रिभिर्मन्त्रहिते निविष्टैः 7, 18. अन्तःपुरचरैः सार्धं यो न मन्त्रं समाचरेत् Spr. 115.-20. यस्य मन्त्रं न जानन्ति समागम्य पृथग्जनाः M. 7, 148. °काले 149. मन्त्रे (so die ed. Bomb.) सुव्याहृतानि च MBH. 5, 5831. उत्तम, मध्यम, अधम R. 5, 77, 13. fgg. किं मन्त्रेण विना राज्यम् KATHÂS. 33, 181. °संवरण R. 1, 7, 9. R. GORR. 2, 72, 11. संवृत° RAGH. 1, 20. °गुप्ति KÂM. NÎTIS. 4, 31 (Spr. 3321). भिन्दन्त्यवमता मन्त्रं तैर्यग्योनास्तथैव च M. 7, 150. तथा मन्त्रो न भिद्यते Spr. 3871. भिन्न° R. 4, 55, 9. षट्कर्ण, चतुष्कर्ण, द्विकर्ण Spr. 3061. [Page05.0538] 3062. पञ्चविध PAŃḰAT. 92, 3. पञ्चाङ्ग KÂM. NÎTIS. 11, 56. द्वादशेति मनुः प्राह षोडशेति बृहस्पतिः । उशना विंशतिरिति मन्त्रिणां मन्त्रमण्डलम् ॥ 67. स च तान्मन्त्रमब्रवीत् MBH. 4, 88. स्त्री° geheimer Plan N.-, 19. Spr. 379. 4691. तस्मान्नाशय युक्त्यैनमिति मन्त्रे मयोदिते KATHÂS. 4, 120. तन्मदीयो मन्त्रः कर्तव्यः du musst meinen Rath befolgen PAŃḰAT. 81, 19. भद्रो ऽयं त्वया दृष्टो मन्त्रः du hast einen guten Plan ausgedacht 146, 17. HIT. 54, 14.
— Vgl. अ°, आकृष्टि°, ऋधङ्मन्त्र, कु°, चक्षुर्मन्त्र, दुर्मन्त्र, निर्मन्त्र, प्रतिमन्त्रम्, बीजमन्त्र, बुद्ध°, बृहन्मन्त्र, महा°, मोह°, विष°, सत्य°, मान्त्र, मान्त्रिक.